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प्रधानमंत्री मोदी ने जया किशोरी को नेशनल क्रिएटर्स अवार्ड से नवाजा

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प्रधानमंत्री मोदी द्वारा जया किशोरी का सम्मान

दिनांक शुक्रवार, भारतीय रचनात्मकता और सामाजिक बदलाव की अविस्मरणीय पहचान बनेगी जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत मंडपम में प्रथम नेशनल क्रिएटर्स अवॉर्ड कार्यक्रम में उल्लेखनीय व्यक्तित्वों को सम्मानित किया। इस भव्य समारोह में, कथावाचक और मोटिवेशनल स्पीकर जया किशोरी को ‘बेस्ट क्रिएटर फॉर सोशल चेंज’ की श्रेणी में सम्मानित किया गया।

जया किशोरी: अध्यात्म से जुड़े युवा मन

सम्मानित होने की इस श्रेणी में जया किशोरी ने वर्तमान समय में अध्यात्म की आवश्यकता और युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। उनका कहना है कि श्रीकृष्ण ने सदा अर्जुन को प्रेरित किया कि वे जहां भी रहें, वहाँ अपने धर्म को निर्वहन करें।

बचपन से शुरू हुआ उनका अध्यात्मिक सफर

राजस्थान के सुजानगढ़ में जन्मी जया किशोरी का अध्यात्मिक सफर महज़ 6 साल की छोटी सी उम्र से शुरू हुआ जब वे घर में होने वाली भजन संध्या में शामिल होकर श्रीमद्भागवत का पाठ किया करती थीं। ब्रह्माण परिवार में जन्मीं जया ने अपने दादा-दादी के संस्कारों को अपनी आत्मा में समाहित करते हुए श्रीमद्भागवत पढ़ने का मार्ग प्रशस्त किया।

शिक्षा और सामाजिक मिशन में जया की भूमिका

शिक्षा को बढ़ावा देने के साथ-साथ, जया किशोरी ने कथावाचन के अपने मिशन को निरंतर आगे बढ़ाया। शीर्षकाक्षित भागवत गीता उनके कंठ में बस चुकी है और वे इसके उपदेशों को आमजन तक पहुँचाने के लिए लगातार सक्रिय रही हैं। सोशल मीडिया पर भी वे काफी लोकप्रिय हैं, जहां उनकी गूढ़ समझाइश जन-जन तक पहुँच रही है।

कथावाचक से मोटिवेशनल स्पीकर तक का सफर

जया किशोरी का सफर कथावाचक की उपाधि से शुरू होकर मोटिवेशनल स्पीकर के रूप में मुकाम तक पहुंचता है। उनके विचार और कोट्स आज सोशल मीडिया पर साझा किए जाते हैं, जो युवाओं में नई प्रेरणा और उत्साह का संचार करते हैं। उनका कहना है कि भगवान का नाम लेना और धर्मानुसार आचरण करना हर उम्र के लोगों के लिए महत्वपूर्ण है।

जया किशोरी की नेट वर्थ और उनके योगदान

जया किशोरी ना केवल एक उम्दा कलाकार हैं बल्कि उनकी नेटवर्थ भी करोड़ों में है। श्रीमद्भागवत गीता के वाचन के लिए वह लगभग 9 लाख 50 हजार रुपए की फीस प्राप्त करती हैं, जिसका एक बड़ा हिस्सा वह दान में देती हैं। उनका योगदान नारायण सेवा संस्थान को जाता है जो दिव्यांगों के लिए समर्पित कार्यों में लगी हुई है। अनुमान के मुताबिक़, उनकी नेटवर्थ 1.5 से 2 करोड़ रुपये के बीच है।

हमारे देश की युवा पीढ़ी को आध्यात्मिक दिशा दिखाने वाली और सोशल चेंज के लिए प्रेरित करने वाली जया किशोरी की गाथा, हर नागरिक को प्रेरणा देने के लिए काफी है। उनका यह सम्मान न केवल उनकी सामाजिक भागीदारी को पहचान देता है बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में उनके अथक प्रयासों को भी मान्यता देता है।

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