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सांप्रदायिक सद्भाव की मिसाल: केरल के मंदिर निर्माण में मुस्लिम भाइयों का उदार योगदान

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एकता की अद्भुत मिसाल स्थापित करता मलप्पुरम का दुर्गा मंदिर

केरल के मलप्पुरम जिले के मुथुवल्लपर गांव में स्थित मां दुर्गा का प्राचीन मंदिर न केवल अपने धार्मिक महत्व के लिए विख्यात है, बल्कि यह अपनी सांप्रदायिक सद्भाव की अनोखी मिसाल को भी प्रस्तुत करता है। इस चार सौ वर्ष पुराने मंदिर की दीवारों में ना केवल हिंदू धर्म के अनुयायी बल्कि मुस्लिम समुदाय के लोग भी अपने आस्था और विश्वास का रंग भरते हैं।

समाज के हर वर्ग ने दिया मंदिर निर्माण में योगदान

मंदिर की प्राचीनता और जीर्ण-शीर्ण स्थिति को पुनर्स्थापित करने की दिशा में, गांव के हिंदू और मुस्लिमों ने समान रूप से कदम बढ़ाया है। इस नई शुरुआत के लिए, मुस्लिम समुदाय की ओर से मोहम्मदनों ने मंदिर के नवीनीकरण में आर्थिक सहायता प्रदान की है।

मंदिर समिति: सांप्रदायिक सौहार्द की एक जीवंत छवि

मंदिर समिति का कहना है कि मां दुर्गा की मूर्ति अगले महीने मई में पुनः स्थापित की जाएगी, जिसके लिए मुस्लिम समुदाय के योगदान ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मंदिर के गुंबद में तांबे की परत चढ़ाने से लेकर, अविष्कार के नए-नए माध्यमों में उनका योगदान रहा है और अब तक 38 लाख रुपए से ज्यादा का दान प्राप्त हुआ है।

ग्रामीण सौहार्द: हर त्योहार एक साथ उत्साह के साथ मनाते हैं

मुथुवल्लपर गांव में रहने वाले हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोगों के बीच आपसी प्रेम और समझदारी की भावना है। यहां रमजान, ईद, दुर्गा अष्टमी जैसे त्योहारों को समुदाय एकता के साथ मनाया जाता है। सांप्रदायिक सौहार्द की यही भावना है जो मंदिर के संरक्षण और नव्यीकरण में मदद करती है।

नवीनीकरण कार्य: सभी समुदायों का समर्पण

मंदिर की मरम्मत और नवीनीकरण कार्य में सभी समुदायों का सक्रिय योगदान देखने को मिला है। पहले चरण का काम पूरा हो चुका है और अगले चरण में मां दुर्गा की मूर्ति की पुनः स्थापना की जाएगी।

निमंत्रण पत्र: सभी धर्मों के नेताओं को सम्मान

मां दुर्गा के प्राचीन मंदिर के निमंत्रण पत्र में मंदिर के पुजारियों के साथ-साथ इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के राज्य प्रमुख और मस्जिदों के काजी के नाम और तस्वीरें भी शामिल की गई हैं, जो समुदायों के बीच की एकता और समन्वय को दर्शाती हैं।

योगदान: मंदिर नवनिर्माण में लाखों का दान

मुस्लिम समुदाय से मंदिर के लिए 38 लाख रुपये का दान किया गया है, जो यह दिखाता है कि मंदिर निर्माण के प्रति उनकी गहरी भावना है। इस परमार्थ कार्य को और भी सहायता आ रही है जिससे मंदिर का नवनिर्माण जारी है।

समाज के लिए आदर्श: सभी धर्मों का मिला-जुला परिवार

यह मंदिर और इस गांव के लोग हमें समाज में सौहार्द और एकता की सही शिक्षा देते हैं, कैसे अलग-अलग धर्म के लोग आपसी सम्मान और समझ के साथ रह सकते हैं। यह एक ऐसा मंदिर है जो देश के अन्य धार्मिक स्थानों और समुदायों के लिए प्रे�्रणादायक बन सकता है।